Baat nahi Karne ki Shayari in Hindi | बात नहीं करने की शायरी

Baat nahi Karne ki Shayari

मुझे एक ऐसा ताबीज चाहिये,

जो मुझे उससे मिला दे या फिर भुला दे


दूरियाँ अच्छी लगने लगी है अब मुझे,

जबरदस्ती के प्यार से मन थक चूका है Baat nahi Karne ki Shayari


शिकायतें जिंदगी से नहीं,

उनसे है जो जिंदगी में नहीं है


तुम भी मैं भी इश्क भी,

सब खामोश हो गये धीरे धीरे


मेरे साथ नहीं तो कहीं और सही,

वो महफूज़ है बस यह काफी है


तेरे बिना ये दिल,

बहुत उदास रहता है


मुझे तुमसे कोई शिकवा नहीं,

तुम आये भी अपनी मर्ज़ी से थे

और गए भी अपनी मर्ज़ी से


कोई किसीके बगैर नहीं मरता,

लोग बस बातें करते है


Baat nahi Karne ki Shayari

जिसके बिना एक पल भी नहीं गुजरता था,

उसके बिना देखो कल दिवाली गुजर गयी

आज भी मर रहा हूँ मैं,

सिर्फ तेरे एक दीदार को


सौ दिये जले फिर भी,

अधूरी है मेरी शाम तेरे बिना !!


मिलने की ख्वाहिश है दिल को तुमसे,

भाग के आजाओ ना मिलने हमसे


ऐसा नहीं है कि इत्तेफाक हुआ था,

तेरा मुझसे बिछड़ना पहले से तय था


सुनो जान दिन हो या रात,

अच्छा नहीं लगता जब तुमसे ना हो बात Baat nahi Karne ki Shayari


तू अब लौट कर मत आना,

जी लूँगा मैं तेरे बिना


किस्मत से भी लड़ जाते हम,

अगर तुमने साथ न छोड़ा होता 


तुम वाकिफ हो हालात से मेरे,

फिर भी क्यूँ हाल पूछने नहीं आती


मुझे इंतजार बेहद पसंद है,

तेरे आने की उम्मीद तो रहती है 


उनको तो याद भी नहीं होगा,

कोई उनका इंतजार करता है


वापसी का तो सवाल ही नहीं,

आँसुओं की तरह निकला हूँ मैं


इंतजार हमेशा रहेगा,

बस अब आवाज नहीं देंगे


तू लौट आ यूँ ना सता,

ये दिल तुझे भूल ना सका


फिर मिलोगे इस उम्मीद से ठहरी हूँ मैं,

वरना आगे बढ़ने के बहोत मौके मिले है


आदतें बदली नहीं मेरी,

मैं आज भी तेरी तस्वीर देख कर

मुस्कुरा देता हूँ


जुदा हो गये तो क्या हुआ,

साथ हो कर भी कौनसा साथ थे हम


सफ़र हमारा बस कुछ पल का था,

मगर तुम यादगार हो गये जिंदगीभर के लिये 


तड़प मेरी तुझे तब पता चलेगी,

धड़कन की आहट भी जब सजा लगेगी


तेरे एक कॉल के इंतजार में,

सालों से नंबर नहीं बदला हमने


तुम बिन जिंदगी,

अधूरी है जान


अधूरी मुलाक़ात ही तो,

फिर से मिलने का वादा होता है Baat nahi Karne ki Shayari


अपना बना कर,

तनहा छोड़ जाते है लोग


तुम मेरे बिना खुश हो,

मैं इस बात से खुश हूँ


दिल के जितने करीब,

नज़रों से उतनी दूर


जाना तेरा फैसला था माफ़ी मेरी मोहब्बत,

यकीन मेरी गलती थी झूठी तेरी फितरत


दो पल का इश्क था,

जो अब एक तरफ़ा हो गया


चलो हाल पूछकर,

थोडा तो ख्याल कर लिया मेरा


तुम एक बार रोक कर तो देखो,

दुबारा जाने का नाम तक नहीं लूँगा


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कोई बात नहीं,

जी लूँगी तेरे बगैर


मुझे रोता हुआ अकेला छोड़ कर जाने वाले,

तेरे एहसास से भी अब मुझे नफरत है


काश मेरी कमी से,

तुझे भी फर्क पड़ता

कोई बात कोई आदत या फिर कोई अदा,

कभी तो कुछ तो याद आता होगा


छोड़ कर जाने वालों ने ये सिखाया,

कि आने वालों को औकात में रखना


वो नदी थी वापस मुड़ी नहीं,

मैं समंदर था जो आगे बढ़ा नहीं


काश तुम्हें भी पता होता,

तुम्हारे बिना दिन कितना बुरा गुज़रता है !!


कोई जाना चाहता है तो जाने दो,

जबरदस्ती से रिश्ते निभाये नहीं जाते


वो लौट कर आयेंगे हाल पूछने के बहाने,

हम नज़रें फेर कर चलते रहेंगे


जिनसे नाराज तक नहीं होते थे,

आज उनसे जुदा हो गये


रिश्ता बस इतना ख़ास है,

वो जब भी उदास है मेरे पास है


अकेले ही ठीक है अब हम,

कोई धोखा तो नहीं देता


अभी तक अलवीदा नहीं कहा उसने,

तो इंतजार करना हक है मेरा


दूरियाँ अच्छी लगने लगी मुझे,

जबरदस्ती के प्यार से


प्यार आज भी करती हूँ जान,

बस अब जताना जरुरी नहीं समझती


हर वक्त ये दर्द रहता है,

काश तुम थोडा वक्त मुझे भी देते


फासले बहुत रख लिये,

अब एक बार आ कर 


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सीने से लगा लो तुम !!


बिना किसी उम्मीद के इंतजार करना,

मेरे लिये तो बस वही प्यार है


बहुत करीब से देखा है,

तुम्हें दूर होते हुए मैंने


जुदा हो भी गये तो क्या हुआ,

साथ रहकर भी कोनसा साथ थे तुम


तुमसे बात किये बिना,

दिन दिन नहीं होता !!


सबके प्यार सबके पास है,

बस मेरा ही प्यार मुझसे दूर है Baat nahi Karne ki Shayari


नज़रे उदास है,

नज़र ही आ जाओ !!


थोड़ी देर ठहर जाते,

तो सारे हालात संभल जाते


काश मर जाये वो मजबूरियाँ,

जिनकी वजह से तुम मुझसे दूर हो


ये सारी दिल बहलाने की बातें है,

उन्हें भूल जाना इतना भी आसान नहीं


दूर तुमसे रहना नहीं चाहते,

और पास रह ले ऐसी किस्मत नहीं


बहुत करीब से देखा है,

तुम्हें दूर होते हुये


तुम करीब रहा करो मेरे,

मेरी दूर की नजर कमजोर है


तू साथ होती तो शायद मुझे संभाल लेती,

छोड़ कर तूने मुझे आवारा बना दिया


भुलाना उनकी फितरत में ना था,

हालात ने शायद उन्हें मजबूर किया है


तेरे इन्तेज़ार के इस सफ़र में,

मेरी खुद से मुलाक़ात हो गयी


काश एक बार तो सोचा होता तुमने,

तुम बिन कैसे जियेंगे हम


आँखें तरसती ही रही उम्र भर,

वो शख्स लौट कर आया ही नहीं


तुम बिन मेरी जिन्दगी,

एक दम अधूरी है


आओ मिलकर ढूंढ लाये,

कोई वजह फिर साथ होने की


लौट आने की उम्मीद नहीं तेरी,

पर इस दिल को तेरा इंतज़ार बहुत है


दूर तुमसे रहना नहीं चाहते,

और पास रह ले ऐसी किस्मत नहीं


तुझे पता क्यूँ नहीं चलता,

कि मेरा तेरे बिना दिल नहीं लगता


जिनसे खफा तक नहीं होते थे,

उनसे जुदा हो गये हम


जो निभा नहीं सकते,

उनका चले जाना ही बेहतर है


कुछ भी नहीं है ख़ास इन दिनों,

तुम जो नहीं हो पास इन दिनों


दुनिया से फुर्सत मिल गयी हो,

तो दो पल हमारे साथ भी जी लो


अपनी आदत लगा देने के बाद,

लोग तड़पाते बहुत है


क्या हम इतने बुरे है ?

जो ईद पर भी याद नहीं आये


इतनी देर मत करना लौंटने में कि,

चाबियाँ भी बेअसर हो जाये तालों पर


दूर तुमसे रहना पसंद नहीं ,

और साथ रह पाये ऐसी किस्मत नहीं Baat nahi Karne ki Shayari


ये सबक भी बहुत जरुरी था,

तेरा छोड़ जाना भी बहुत जरुरी था


सच में बिजी हो या फिर अब हम,

याद आने के काबिल भी नहीं रहें


इन्तेज़ार भी है उम्मीद भी है,

बस तुमसे मिलने का नसीब नहीं है


तुम क्या बिछड़े,

हम तो बिखर ही गये


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दो पल का इश्क था,

जो अब एक तरफ़ा हो गया


भुला देंगे तुमको,

ज़रा सबर रखो


बिछड़े है कुछ लोग इस कदर,

यकीन मानो यकीन नहीं होता


आज भी मर रहा हूँ,

तेरे दीदार को


मुझे इंतजार करना आता है,

बस तुम लौटना सिख लो


अकेलापन इंसान को,

बहुत मजबूत बना देता है


तुम जो होते तो बात और थी,

अब की बरसात तो बस पानी है


क्यूँ आये थे तुम,

जब छोड़ कर ही जाना था


मैं तनहा ही ठीक हूँ,

ज़रुरत नहीं मुझे दो 

पल के सहारे की


बिछड़े है कुछ लोग इस कदर,

यकीन मानो यकीन नहीं होता


सुनो लौट आओ,

बस बहुत हुआ !


मौसम बारिश का है,

और भीग हमारी आँखें रही है


वो मुझे छोड़कर नहीं,

पूरी तरह से तोड़कर गयी है !!


अपना बना कर,

तनहा छोड़ जाते है लोग


लौट आने को भी राज़ी थे हम,

पर तुमने इंतजार ही नहीं किया


बरसात के दिन तो आ गये,

मुलाक़ात के दिन कब आयेंगे


सवालों ने कैद कर लिया है,

तू आजा कोई जवाब बन कर !!


तुम मेरे बिना खुश हो,

मैं इस बात से खुश हूँ


शक नहीं करना मेरी मोहब्बत पर,

तुम्हारे बिना भी हम तुम्हारे ही है


मौत आयेगी,

पर उसका मेसेज 

नहीं आयेगा


क्या जरुरी था मुझसे खफा होना,

मुझे वैसे भी छोड़ सकते थे तुम


हम सिर्फ अच्छे दोस्त है,

कुछ ऐसी भी होती है अधूरी मोहब्बतें


मुझे मरना मंजूर है,

मगर तुम्हें भूलकर जीना नहीं


मुझे चुप रहना है,

तेरे महसूस होने तक Baat nahi Karne ki Shayari


तेरे एक कॉल के इन्तजार में,

मैंने आज तक अपना नंबर नहीं बदला


अफ़सोस तो इस बात का है,

उसे मेरी कमी से कोई गम नहीं


जिसके लिये हमने रात को सोना छोड़ दिया,

उसने हमसे बात करना छोड़ दिया


जिनसे दूर रह नहीं पाते,

उन्हीं से दुरी बन जाती है


लाख कसमें दे दो किसीको,

छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है


शाम को तन्हाई मिलती है जब मुझसे,

हम दोनों खूब बातें करते है


मैं भी अधुरा हूँ तेरे नाम के बिना,

जैसे अधूरी है राधा श्याम के बिना


भुला नहीं हूँ तुझे,

बस अब याद करने की

कोई वजह नहीं रही


मुमकिन नहीं मेरे लिये,

पर भुलाना होगा तुझे


तुझसे अब बात नहीं होती,

तो फोन को हाथ लगाना 

भी अच्छा नहीं लगता


तेरे जाने के बाद समझ आया,

कि जाने वाले को रोकते क्यूँ है


आज भी मैं,

तेरा इंतेजार करता हूँ


मुलाक़ात नहीं होती तो क्या हुआ,

मोहब्बत तो फिर भी बेशुमार करते है तुमसे


जिंदगी से बेज़ार हो जाओगे,

जब तुम उसे भुला ना पाओगे


मुश्किल तो बहुत था,

मगर मैंने उसे जाने दिया Baat nahi Karne ki Shayari


असल में उसको खोने के बाद ही,

खुद को पाया है मैंने


क्या इश्क होगा वो,

जिसमें इंतेजार करना

दो लोग जानते हो


ए मौत तू आजा,

मुझे यकीन है के

वो नहीं आयेंगे


इतनी खुश कभी नहीं थी वो,

क्या सोच के रोक लूँ मैं उसे


तू क्या गया,

हिम्मत ही हार बैठे हम


तुम अब लौट कर मत आना,

जी लूँगा मैं अब तेरे बिन


सुनो अब लौट कर मत आना,

मर चूका है तुम पर मरने वाला


एक रात नहीं गुज़रती तेरे बिना,

जिंदगी क्या ख़ाक गुजरेगी


सुनो अब मैं जब भी आऊँगा,

बस याद आऊँगा


सुनो अब मैं जब भी आऊँगा

बस याद आऊँगा Baat nahi Karne ki Shayari


फिर से वो रंग पुराना,

आँखों में नींद का ना आना


वो जो कहता है खुश रहा करो,

उसको कहो फिर मेरे साथ रहा करो !


चल कोई बात नहीं,

जी लूँगा तेरे बगैर


इंतज़ार तो हम सारी उम्र कर लेंगे,

बस खुदा करे तु बेवफा ना निकले


वो दूरियाँ बढ़ा लेता है,

मगर दूर नहीं रह पाता


जबरदस्ती की नजदीकियों से,

तो सुकून की दुरी अच्छी


तुम जो बिछड़े हो जल्दबाजी में,

यार तुम रूठ भी तो सकते थे


उसके छोड़कर जाने के बाद,

सबसे ज्यादा वो ही रहा है मेरे साथ


एक बात याद रखो,

जो वादा तोड़ सकता है

वो साथ भी छोड़ सकता है


मेरी इस दुनिया में,

सिर्फ तेरी ही कमी है


तुम मेरे गले लग जाओ,

मैं सारे दर्द भुला दूँगा


Baat nahi Karne ki Shayari for Friday

लो एक और शाम ढल गयी,

शायद आज भी कुछ जरुरी 

काम आ गया होगा


हम ईद मनाते भी तो कैसे,

हमारा चाँद हमसे रूठा जो है


बस कुछ वक्त और,

फिर मेरी दुआ कुबूल होगी


मज़बूरी उसकी थी,

और अकेली मैं रह गयी


समय भी एक होने को है,

पता नहीं हम कब एक होंगे


भुला देंगे हम तुम्हें,

आज नहीं तो कल ही सही


वक्त की तरह था वो,

कभी मिला ही नहीं


फर्क पहले पड़ता था,

अब तो असर भी नहीं होता


हम हमेशा करीब थे,

लेकिन कभी साथ नहीं थे


तन्हाई में भी मुस्कुरा रही हूँ,

देख अब तुझे भुला रही हूँ


तेरे बिन ये दिल,

बहुत उदास रहता है


अजीब बात है ना,

जिसे पाया भी नहीं था,

उसे खो दिया मैंने


उनको तो याद भी नहीं होगा,

कोई उनका इंतेजार करता है


दूरियाँ थी फिर भी इश्क रहा,

पास होते तो क्या कमाल होता Baat nahi Karne ki Shayari

Khushi Shayari 2 line in Hindi

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