Chai pe Shayari Status Quotes in Hindi | चाय पर शायरी हिंदी में

Chai pe Shayari मुझे रिश्तो की लम्बी कतारों से क्या मतलब… कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स ही काफी है


 
मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम, यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा, मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी, कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा 



तू ही बता दिल कि तुझे समझाऊं कैसे, जिसे चाहता है तू उसे नज़दीक लाऊँ कैसे, जिसे मैं चाहता हूं मगर उसको ये एहसास दिलाऊं कैसे



किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस खुदा ही जानता है, दिल अगर बेनकाब होता तो सोचो कितना फसाद होता



Chai pe Shayari Status in Hindi

कोई तो जलवा खुदा के वास्ते, दीदार के काबिल दिखाई दे, संगदिल तो मिल चुके हैं हजारों, कोई अहल-ए-दिल तो दिखाई दे


बड़ी आसानी से दिल लगाए जाते हैं, पर बड़ी मुश्किल से वादे निभाए जाते हैं, लेकर जाती है मोहब्बत उन राहों पर, जहां पर दिये नहीं दिल जलाए जाते हैं


दिल में राज छिपा है दिखाऊं कैसे, हो गया है प्यार आपसे बताऊँ कैसे, दुनिया कहती है मत लिखो नाम दिल पर, जो नाम दिल में है उसे मिटाऊं कैसे



इस से ज़्यादा तुम्हे और कितना करीब लाऊँ मैं,  कि तुम्हे दिल में रख कर भी मेरा दिल नहीं भरता 
आँसू नहीं हैं आँख में लेकिन तेरे बगैर, तूफान छुपे हुए हैं दिले-बेकरार में


दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ़ तो हुई, लेकिन तमाम उम्र को आराम हो गया



आपको जाते हुए देख के न संभलेगा दिल, उसको बातों में लगा लूँ तो चले जाईयेगा



ये गुस्ताख़ दिल न जाने क्या कर बैठा, मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा, इस धरती पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता, और ये पागल, चाँद से मोहब्बत कर बैठा


तजुर्बा कहता है मोहब्बत से किनारा कर लूँ… और दिल कहता है ये तज़ुर्बा दोबारा कर लूँ



दिलबर की दिल-लगी में दिल अपना खो चुके हैं, कल तक तो खुद के थे आज आप के हो चुके हैं


स्याह रात में जलते हैं जुगनुओं की तरह, दिलों के ज़ख्म भी दोस्तों कमाल होते हैं



आज फिर मौसम नम हुआ मेरी आँखों की तरह,  शायद बादलों का भी दिल किसी ने तोड़ा होगा 



उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है, जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है, दिल टूटकर बिखरता है इस कदर, जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है


सौ बार कहा दिल से.. चल भुल भी जा उसको ।  हर बार कहा दिल ने.. तुम दिल से नही कहते 



दिल वो है जो फ़रियाद से भरा रहता है क्यकि हर वक़्त कुछ कुछ मुँह से निकलने नहीं देते


ना पूछ मेरे दिल का हल मगर ये कहता है, कि वो बेक़रार रहे जिसने बेक़रार किया


दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है, आखिर इस दर्द की दवा क्या है, हमको उनसे है उम्मीद वफ़ा की, जो जानते ही नहीं वफ़ा क्या है



ऐ दिल! मुझसे कभी मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी के इश्क़ में दर्द मिल सकती है chai pe Shayari



कोई तो जलवा खुदा के वास्ते, दीदार के काबिल दिखाई दे, संगदिल तो मिल चुके हैं हजारों, कोई अहल-ए-दिल तो दिखाई दे


आज फिर मौसम नम हुआ मेरी आँखों की तरह,  शायद बादलों का भी दिल किसी ने तोड़ा होगा 



सौ बार कहा दिल से.. चल भुल भी जा उसको  हर बार कहा दिल ने.. तुम दिल से नही कहते 



इस से ज़्यादा तुम्हे और कितना करीब लाऊँ मैं,  कि तुम्हे दिल में रख कर भी मेरा दिल नहीं भरता 



दिलबर की दिल-लगी में दिल अपना खो चुके हैं, कल तक तो खुद के थे आज आप के हो चुके हैं


दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है, आखिर इस दर्द की दवा क्या है, हमको उनसे है उम्मीद वफ़ा की, जो जानते ही नहीं वफ़ा क्या है



किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस खुदा ही जानता है, दिल अगर बेनकाब होता तो सोचो कितना फसाद होता


मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम, यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा, हूंकब्र में भी यह दिल धड़कता रहा 


मुझे रिश्तो की लम्बी कतारों से क्या मतलब… कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स ही काफी है 


तजुर्बा कहता है मोहब्बत से किनारा कर लूँ… और दिल कहता है ये तज़ुर्बा दोबारा कर लूँ


बड़ी आसानी से दिल लेकर जाती है मोहब्बत उन राहों पर जहां पर दिये नहीं दिल जलाए जाते हैं


कोई तो जलवा खुदा के वास्ते, दीदार के काबिल दिखाई दे, संगदिल तो मिल चुके हैं हजारों, कोई अहल-ए-दिल तो दिखाई दे


दिलबर की दिल-लगी में दिल अपना खो चुके हैं, कल तक तो खुद के थे आज आप के हो चुके हैं


दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है, आखिर इस दर्द की दवा क्या है, हमको उनसे है उम्मीद वफ़ा की, जो जानते ही नहीं वफ़ा क्या है


इस से ज़्यादा तुम्हे और कितना करीब लाऊँ मैं,  कि तुम्हे दिल में रख कर भी मेरा दिल नहीं भरता 


सौ बार कहा दिल से.. चल भुल भी जा उसको ।  हर बार कहा दिल ने.. तुम दिल से नही कहते 


तजुर्बा कहता है मोहब्बत से किनारा कर लूँ… और दिल कहता है ये तज़ुर्बा दोबारा कर लूँ


आज फिर मौसम नम हुआ मेरी आँखों की तरह,  शायद बादलों का भी दिल किसी ने तोड़ा होगा 


मुझे रिश्तो की लम्बी कतारों से क्या मतलब… कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स ही काफी है 


किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस खुदा ही जानता है, दिल अगर बेनकाब होता तो सोचो कितना फसाद होता



सौ बार कहा दिल से.. चल भुल भी जा उसको ।  हर बार कहा दिल ने.. तुम दिल से नही कहते Chai pe Shayari



दिलबर की दिल-लगी में दिल अपना खो चुके हैं, कल तक तो खुद के थे आज आप के हो चुके हैं


मुझे रिश्तो की लम्बी कतारों से क्या मतलब… कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स ही काफी है 


चलने की कोशिश तो करो,यहां दिशाएं बहुत है,रास्ते पर बिखरे कांटो से मत डरों,आपके साथ दुआएँ बहुत है 


जो बिन कहे सुन ले,वो दिल के बेहद करीब होते है,ऐसे सुन्दर रिश्ते बड़े भाग्य से नसीब होते है 


न किस्सों में है,और न किस्तों में है,जिंदगी की खूबसूरती चंद सच्चे रिश्तों में है 



तो निभाएंगे जरूर,कितने भी कॉंटे क्यों ना हो दोस्ती की राहों में,आवाज अगर दिल से दोंगे तो आएँगे जरूर 



लौट आयेंगी खुशियाँ,थोडा ग़मों का शोर है,जरा संभलकर रहेना दोस्तों,ये इम्तिहानों का दौर है 



सजते दिल के तराने बहुत है,जिंदगी जीने के बहाने बहुत है,आप हंमेशा मुस्कुराते रहोआपकी मुस्कराहट के दिवाने बहुत है 



बात सिर्फ एहसासों की है,बिना मिले भी,कई रिश्ते सदियाँ गुजार देते है 



हर उलझन के अंदर ही,उस उलझन का हल मिलता है,कोशिश करने से ही,सुंदर कल मिलता है 



परिवर्तन ही जीवन है,सृष्टि है,और स्थिर होना मृत्यु 



जिंदगी पल पल ढलती है,जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है,शिकवे कितनी भी हो,हर पल फिर भी हंसते रहना क्यूंकि,ये जिंदगी जैसी भी है,बस एक बार ही मिलती है 


अगर सुबह चाय और तेरी हाथ की गरम कलाई मिल जाए तो बात बन जाए



जिंदगी एक कविता है,गुनगुनाते रहिये,मुश्किलें हो हजार,फिर भी मुस्कुराते रहिये


 
मन की सोच सुंदर हो तो,सारा संसार सुंदर लगता है 



आंखों मे खुशी,लबों पर हँसी,गम का कहीं न हो नाम,हर सुबह लाए आपके जीवन मे इतनी खुशिया जिसकी कभी शाम न हो,हंमेशा मुस्कुराते रहीए 


जो रिश्ते मजबूत होते है,वो बिना कहे मुस्कुराते है 


महेनत का फल,दुआओं का असर,देरी से सही पर मिलता जरूर हैं



इस संसार में अनेक कलाएं है और,इन कलाओं में सबसे अच्छी कला है,दूसरों के ह्दय को छू लेना 


कुदरत का नियम है,मित्र और चित्र दिल से बनाओगे,तो उनके रंग जरूर निखर आएँगे 



सादगी परम सौंदर्य है,क्षमा उत्कृष्ट बल है,विनम्रता सबसे अच्छा तर्क है,और अपमान सर्वश्रेष्ठ रिश्ता है 


अपनो का साथ बहुतआवश्यक है,सुख हो तो बढ़ जाता है और दुख हो तो बट जाता है 


खुश वो नहीं जिनका नसीब अच्छा है,खुश तो वो है,जो अपने नसीब से राजी है


जिंदगी में साबित करना जरूरी नहीं है,बेहतर बनना जरूरी है 



जिंदगी में आगे वहीं बढ़ता है,जो गिर गिर कर उठता हैं,और फिर से चलता है 


हिम्मत मत खोना,अभी बहुत आगे जाना हैं,जिन्होंने कहा था,तेरे बस का नहीं,उनको भी कर के दिखाना है

 


संबंधो की कुल पाँचसीढ़ियां होती है,देखना, अच्छा लगना,चाहना, पाना,यह चार बहुत सरल सीढ़ियां है,सबसे कठिन पांचवी सीढ़ी है,” निभाना 



अमूल्य सबंधो की तुलना,कभी धन से न करें,क्योंकि धन दो दिन काम आयेगा,जबकि संबंध उम्र भर काम आयेगी


एक हाथ में मक्खन रखो,दूसरे हाथ में चुना,जहा जिसकी जरूरत पड़े,लगाते जाओ,वरना लोग जीने नहीं देंगे 


शौक हमारे बहुत कम है मुशॅद,पर जितने भी है,अपने दम पर हैं


 
बुरा तो हर कोई है मेरे दोस्त,फरिश्ते ना तुम हो ना हम है 


लोग दुनिया वालो से यारी करते हैं,मैंने दुनिया बनाने वाले से की है 


खुद को परिश्रम से जोड़ दो,बाकी सब इश्वर पर छोड़ दो 



शिक्षा ही एक ऐसी चीज है,जो इंसानियत को मरने नहीं देगी 



जो करता है रब ही करता है,और रब हमेशा अच्छा ही करता है Chai pe Shayari



दिन बनाने में रात लगती है,तुमको बहुत आसान बात लगती है 


जिंदगी में हँसते रहना सीखो,रोने से परेशानियाँ कम नहीं होगी 



खुद पे भरोसा हो,तो बड़ी से बड़ी मुश्किलें भी हल हो जाती है 


आपके पास जितना समय अभी है,उतना समय फिर कभी नहीं होगा 



अगर मेहनत आदत हो जाये,तो कामयाब होने में देर नहीं लगती 



जो अपने लक्ष्य में खो गया,समझ लो वो सफल हो गया 


जिसकी परवाह कोई नहीं करता,उसकी परवाह उपरवाला करता है 



प्रेम अपने काम और इश्वर से करों,ये दोनों कभी धोखा नहीं देते 


रिश्तों को गलतियाँ उतना कमजोर नहीं करती,जितना गलतफहमियां कर देती है



खामोशी कभी अच्छी नहीं होती,ना अपनी ना अपनों की Chai pe Shayari


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