Dard Bhari Shayari image in Hindi- Gam Dard Bhari Shayari in Hindi

Dard Bhari Shayari image in Hindi- Gam Dard Bhari Shayari in Hindi

Dard Bhari Shayari उसके ग़लत होने पर भी मैंने उसे चाहा थाखुद की नजरों में खुद को बार गिराया था


ये चेहरे की हकीकत दुनिया कहां जानती हैमें कल रात परेशान था ये बात सिर्फ मां जानती है


जब बात जरूरत की हो तो जुबान सबकी मीठी हो जाती है


न जाने क्यों भीड़ भाड़ की जगह हो अब अकेले रहना ही ज्यादा अच्छा लगने लगा है


कहां जाऊं मे मेरी सादगी लेकर यहां तो  हर शख्स सुरत का दिवाना है


संवारना छोड़ दिया है खुद को वरना एक समय हम भी कमाल के थे


छोड़ दिया सबसे बात करना अब खामोश रहना ही अच्छा लगता है


जिंदगी का उसूल है धोखा वहीं देते हैं जो अपने होते हैं


जब जरूरत हो तब करना दोस्त हम तेरी तरह इम्नोर नहीं करेंगें


सिर्फ एक गलती की देर है और फिर लोग भूल जाएंगे की तुम पहले कितने अच्छे थे


जिनके दिल अच्छे होते हैं उनकी किस्मत खराब होती है


हाल क्यो पूछती हो हम मजे में हैं मोहब्बत हुईं थीं कभी अभी तक नशे में है


आज खुद ही खुद से बात हो गई पूछा हाल खूद का तो आंसुओं की बरसात हो गई


कभी मिलों तो बताते हाल हमारा आज-कल सुनते दिन बीत गए बताओं कब तक करें और इन्तजार तुम्हारा


जरूरत से ज्यादा इज्जत और वक़्त देने से लोग बदल जाते हैं


तुम थोड़ा सब्र करो हम जख्म गहरे देगे


मुस्कुराना आदत है हमारी बरना जिंदगी तो हमसे भी नाराज है


नहीं है शिकवा हमें किसी की बेख्खी से शायद हमें ही नहीं आता किसी के दिल में घर बनाना


धोखे ऐसे ही नहीं मिलते लोगों को भला करना पड़ता है साहब


इंसान की खामोशी सुबूत है कि वो टूट चुका है


हम इस कदर टूटे हैं कि अब सिर्फ हंसते ही रहते हैं


खामोशी से चले जाने वाले जिंदगी भर दिल में शोर मचाते हैं


कोई थक चुका है सफर से कोई हार चूका है खुद से


अब कोई दर्द दर्द नहीं लगता एक दर्द ने ऐसा क़माल कर दिया


सहमा सहमा डरा सा रहता है जानें क्यूं जी भरा सा रहता है


जो कुछ भी था वो खो चूका हूं मैं करके सबका भला अब बुरा हो चुका हूं मैं


धोखा देने वालो को धोखा खाना भी पड़ता है


सोचते हैं कि कुछ किस्से कहे पर मुसीबत में है कि किससे कहे


पता नहीं किसने मेरी किस्मत लिखी है हर चीज अधूरी छोड़ रखी है


जो था मैं वो रहा नहीं जो हूं किसीको को पता नहीं


वक्त रहता नहीं कहीं टिक करआदत इसकी भी आदमी ही है


हम नासमझ ही अच्छे थे वहम ही सही मगर रिश्ते सच्चे थे


जब नाराजगी किसी खास से होती है तब इन्सान चिल्लाता नहीं रो देता है


धोखा अपने देते हैं और दिलासा अनजान लोग


एक अजीब सा सुकून होता है उस नींद मेंजो बुरी तरह से रोने के बाद आती है


कभी अकेले रह कर देखना लफ्जो से ज्यादा आंसू निकलते हैं


इंन्सान की खामोशी सुबूत है कि वो टूट चूका है


ये जो हमारे लिए अहम होते हैं ना असल में वही हमारे लिए बेरहम होते हैं


जितने अच्छे लोग दिखते हैं काश उतने अच्छे होते भी

Dard Bhari Shayari image in Hindi- Gam Dard Bhari Shayari in Hindi

समय बताने वाले बहुत हैं समय पर काम आने वाले बहुत कम

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