Deep Gulzar Zindagi love Quotes Shayari in Hindi- Gulzar love life Quotes status in Hindi

बहुत मुश्किल से करता हूं तेरा यादों काकरोबार मुनाफा कम है गुजरात हो ही जाता है Deep Gulzar Shayari


तुझमें नाराज होकर तुझमें ही बात करने का मनये दिल का सिलसिला भीकभी ना समझ पाए हम


चांदी उगने लगी है बालों परये उम्र तुम पर हसीन लगती है


यदि सेल्फियो में इतनी ही सच्चाई होती तो वृद्धधाश्रम में बैठी येअसहाय मां न होती


राधा के सच्चे प्रेम का यही इनाम हैकान्हा से पहले लोग लेते राधा का नाम है


उनकी चाहत में हम कुछयूं बंधे हैं कि वो साथ भी नहींऔर हम अकेले भी नहीं


तकदीर को अपनी कुछ इसतरहां आजमाया है मैंने जो नहीं था तकदीर में उसेबेपनाह चाहा है मैंने


तलब इतनी कि तुम्हें अपना बना लूंहसरत इतनी कि इजाजत तुम दो


कोई ठुकरा दे तो हंसकर जी लेनामोहब्बत की दुनिया मेंजबरदस्ती नहीं होती


तुम्हारे साथ किसी औरको नहीं सोचा बड़े ख्याल से रखा है तुम्हेअपने ख्यालों में


मैं क्यो पुकारू उसेकि लौट आओक्या उसे खबर नहीं किमेरे पास उसके सिवाय कुछ नहीं


ना जाहिर हुई तुमसेना बायन हुई मुझसेबस सुलझी हुई आंखों मेंउलझी रही मोहब्बत


तुमसे मिला था प्यारकुछ अच्छे नसीब थेहम उन दिनों अमीर थेजब तुम करीब थे


नहीं रहा जाता तेरे बिना इसलिए तुझसे बात करते हैं वरना हमें भी कोई शौक नहीं है तुझे यूं सताने का


आज भी तेरे सारे इल्लाज हम अपने पर ले लेते हैं ये कह कर कि वो बेवफा नहींहम ही बदनसीब है


खैरियत नहीं पूछते मेरीमगर खबर रखते हैं मैंने सुना है कि वो मुझ पर ही नजर रखते हैं


दिल में चुभ जाती है अपनों की ही बातें गैरों में इतना दम कहांकि आंखों में आसूं ला दे

Deep Gulzer love Quotes Shayari in Hindi


मोहब्बत किसी से करनी हो तोहद में रहकर करना वरना किसी को बेपनाह चाहोगेतो टूटकर बिखर जाओगे


जहां से शुरू किया था सफर फिर वही खड़े हो गएअजनबी थे वो फिरअजनबी हो गए


कब मानी है इश्क ने पाबंदियांउसे तो होना है और वो होकर ही रहता है


जरा ठहरो तो नजर भर के देखूंजमीं पे चांद कहांरोज-रोज उतरता है

Deep Gulzer love life Quotes Shayari


हम तो समझे थे किहम भूल गए हैं उनको क्या हुआ आज येकिस बात पे रोना आया


अगर तुम्हें अपना कहें तो तुम्हें शिकवा तो नहीं जमाना पूछता है बता तेरा अपना कौन हैं


छुए तो नहीं कभी किसी के पांवलेकिन वो जो पायल बांधनेको बोलेगी तो झुक जाऊंगा मैं


ये सच है कि कोई मरतानहीं किसी के लिएपर सच ये भी है कि कोईजीता है मर-मर के किसी के लिए


नादानी की हद है जरा देखो तो उसे मुझे खोकर वो मुझे जैसाही ढूंढ रही है


हम किसी को अपनी मर्जी से चाह तो सकते हैं लेकिन उससे ये नहींकह सकते कि तुममुझसे ही मोहब्बत करो


तुझे चाहा बहुत पर कभी जताया नहीं दोस्तों का रिश्ता भी ना को दूं इसलिए कभी बताया भी नहीं


जब किसी की रूह मेंउतर जाता है मोहब्बत का समंदरतब लोग जिन्दा तो होते हैं लेकिन किसी और के अंदर


दोस्त बदल गए वक़्त बदल गया मोहब्बत बदल गई बस मेरी प्यारी मां नहीं बदली


उसकी मोहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब था अपना भी नहीं बनाया और किसी का होने भी नहीं दिया


ज़िक्र तेरा हुआ तोहम महफ़िल छोड़ आए हमें औरों के लबों पेतेरा नाम अच्छा नहीं लगता


भरी महफ़िल मेंदोस्ती का जिक्र हुआहमने तो सिर्फ आपकी ओर देखाऔर लोग वाह-वाह करने लगे


बहुत छुपा कर रखा था तेरी मोहब्बत का राज सबसे तेरी याद आते ही ये अश्क सब बयान कर देते हैं

Deep Gulzer Shayari


इच्छाएं बड़ी बेवफा होती हैं कमबख्तपूरी होते ही बदल जाती है


इज़हार से नहीं लगता पता किसी के प्यार के इंतजारबताता है कि तलबगार कौन हैं

अगर कोई जोर देकर पूछेगा हमारी मोहब्बत की कहानीतो हम भी धीरे से कहेंगे मुलाकात को तरस गए


किसी ने थोड़ा सा अपना वक़्त दिया था मुझे मैंने आजतक उसे इश्क समझ कर संभाल रखा है


कुछ मोहब्बतें सही शख्स सेग़लत वक़्त पर ग़लत वक़्त परग़लत उम्र में हो जाती है


ठुकराया हमने भी बहुतो को है तेरे खातिर तुझसे फासला भी शायद उनकी बदद्दु आओं का असर है


बहुत तकलीफ़ होती है जब दोनों तरफ से प्याद हो लेकिन किस्मतमें मिलना ना हो


थोड़ा सुकून भी ढूंढिए जनाब ये जरूरतें तोकभी पूरी नहीं होगी Deep Gulzar Shayari


दूर रहकर भी वो शख्स सामाया है मेरी रूह के करीब रहने वालो पर वो कितना असर रखता होगा


मैं तुझसे अब कुछ नहीं मांगता ऐ खुदा तेरी दे केछीन लेने की आदता मुझे मंजूर नहीं


नहीं मिला करो तुम जैसा आज तक पर ये सितम अगल है कि मिले तुम भी नहीं


किस मुकाम पर ले आई है ये तो हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता


मान लिया नहीं आता मुझे मोहब्बत जताना नादां तो तुम भी नहीं समझ न सको शायरियो में जिक्र तुम्हारा


क्यो करते हो मुझसे इतनी खामोश मोहब्बत लोग समझते हैं इस बदनसीब का कोई नही


भाई और बहन से प्यार में बस इतना अंतर है कि रुलाकर जो मना ले वो भाई है रुलाकर जो खुद रो पड़े वो है बहन


तुम्ही से रूठकर तुम्हें ही सोचते रहना मुझे तो ठीक से नाराज़ होना भी नहीं आता


ना पाया जिसे उसको खोना ही क्या जो था ही नहीं उसके पीछे रोना ही क्या


मां की जिद पर साड़ी आई दीदी की जिद पर घड़ी मेरी जिंदा पर घड़ी मेरी जिद पर पटाखे आए पता नहीं फिर क्यों पापा ही पुरानी कमीज में नरज आए

Deep Gulzer Zindagi love Quotes Shayari


एक बार ही बहकती है नजर इश्क सौ बार नहीं होता यह दिल का सौदा है मेरी राधे हर बार नहीं होता


मुकम्मल ना सही अधूरा ही रहने दो इश्क इश्क है कोई मकसद तो नहीं


कितना खूबसूरत है उसका मेरा रिश्ता ना उसने कभी बांधा ना हमने कभी छोड़ा


याद रहेगा ये दौर हमको भी उम्र भर के लिए कितने तरसे है जिंदगी में एक शख्स के लिए


मैं चांद तोड़ के लाने से तो रहा वो जिद करेंगी तो एक आईना दे दूंगा


जिस फूल की परवरिश हमने अपनी मोहब्बत से की जब वो खुशबू के काबिल हुआ तो औरों के लिए महकने लगा


दुपटूटा क्या रख लिया सर पे वो दुल्हन नजर आने लगी उसकी तो अदा हो गई जान हमारी जाने लगी

Deep Gulzar Shayari


यकीन तो सबको झूठ पर ही होता है सच को तो अक्सर साबित करना पड़ता है


तू मिले या ना मिले ये मुकदूदर की बात है मगर सुकून बहुत मिलता है तुझे अपना सोचकर


जरा-जरा सी बात पर तकरार करने लगे हो लगता है मुझसे बेइंतहा प्यार करने लगे हो


ना कर याद अपनी हद में रह ऐ दिल वो बड़े लोग हैं अपनी मर्जी से याद करते हैं


चले आओ अजनबी बनकर फिर से मिले तुम मेरा नाम पूछो मैं तुम्हारा हाल पूछूं


तू साथ ना सही पर हमेशा रहोगी एक वहज है एक वहज है तुझे बेवजह चाहने की


ये इश्क बनाने वाली की मैं तारीफ़ करता हूं मौत भी हो जाती है और कातिल भी नहीं पकडा जाता


फासलों का अहसास तब हुआ जब मैंने कहा ठीक हूं और उसने मान लिया


दोस्ती के बाद मोहब्बत हो सकती है मोहब्बत के बाद दोस्ती नहीं क्योंकि दवा मरने से पहले काम आती है मरने से बाद नहीं


दर्द भी वही देते हैं जिन्हें हक दिया जाता हो वर्ना गैर तो धक्का लगने पर भी माफी मांग लिया करते हैं

Deep Gulzar Shayari

Shayari by Gulzar in Hindi

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