Shayari by Gulzar Quotes in Hindi- Deep Gulzar Shayari Quotes in Hindi

Gulzer by Shayari नींद से क्या शिकवा जो आती नहींरात भर कसूर तो उन सपनों का है जो सोने नहीं देते.

कौन कहता है दिल दो नहीं होते पति की दहलीज पर बैठी बाप की बेटी से पूछो


नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर कसूर तो उन सपनों का है जो सोने नहीं देते


जिंदगी में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो वादे नहीं करते लेकिन निभा बहुत कुछ जाते हैं


कुछ खो दिया है पाइके कुछ पा लिया गवाइ के कहां ले चला है मनवा मोहे बांवरी बनाइके।


चाहने वाले मिलते रहेंगे तुझे सारी उम्र बस तू कभी जिसे भूल न पाए वो चाहत यक़ीनन हमारी होगी


जो जाहिर करना पड़े वो दर्द कैसा और जो दर्द ना समझ सके वो हमदर्द कैसा


सूरत तो फिर भी सूरत है मुझे तो तेरे नाम के लोग भी अच्छे लगते हैं


मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना कभी बात करने की हसरत तो कभी देखने की तमन्ना


जो लम्हे तकदीर में लिखे नहीं होते उन्ही की आरजू को ही इश्क कहते हैं


कौन कहता है मोहब्बत एक बार होती हैं मैं अपनी मां को जितनी बार देखूं मुझे तो उतनी बार होती है


मुझे तलाश थी कि कोई मुझे जैसा मिले क्या खबर थी इस तलाश में तुम भी है


किसी की आदत बन जाओ मोहब्बत खुद ब खुद हो जाएगी


मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना कभी बात करने की हसरत तो कभी देखने की तमन्ना


छोड़ दो ये बहाने जो तुम करते होहमें भी अच्छे से मालूम है मजबूरियां तभी  आती है जब दिल भर गया हो

Best Shayari by Gulzar in Hindi


असली सैटाक्लोज तो पिता होता है जो बच्चो को एक दिन नहीं जीवन भर खुशियां देता है

कभी कभी पहली पहली नजर कुछ ऐसे रिश्ते बना लेती है जो आखिर सांस तक छुड़ाने से नहीं चूकते


बड़ी नादानी से पूछा उन्होंने क्या अच्छा लगता है हमने भी धीरे से कह दिया एक झलक आपकी


हिसाब में तुम शुरू से ही कच्चे थे मैं लाखों सा संवरती थी तुम चिल्लार में तारीफ थे


किस बात की सजा दे रहे हो प्यार किया इसलिए या तुमसे ज्यादा किया इसलिए


जिनकी आप कदर नहीं कर रहे हैं ना यकीन मानो कुछ लोग उन्हें दुआओ  में मांग रहे हैं


मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं रोज तो वो मरते हैं जो खुद से ज्यादा किसी और को चाहते हैं


कितने अजीब होते हैं ये मोहब्बत के रिवाज़ भी लोग आप से तुम तुम से जान और जान से अनजान बन जाते हैं


अधूरा है मेरा इश्क तेरे नाम के बिना जैसे अधूरी है राधा श्याम के बिना


इश्क किसका मुकम्मल हुआ है जनाब जिसे तुम चाहते हो वो किसी को चाहता है

Best Shayari by Gulzar in Hindi


बिगड़ैल है ये यादें देर रात को टहलने निकलती है


अगर तुम समझ पाते मेरी चाहत की इंतहा तो हम तुमझे नहीं तुम हमसे मोहब्बत करते

Dard Bhari Shayari in Hindi

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